क्यों मैं एक फ़्रीलांस लेखिका बनी?

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आज मैं आप सभी से अपनी ज़िंदगी से जुड़ी हुई एक महत्वपूर्ण बात साझा करने जा रही हूँ। वह यह है कि आख़िर क्यों मैं एक फ़्रीलांस लेखिका बनी? दरअसल, जीवन में एक उचित लक्ष्य पाने की चाहत हर किसी को होती है। मैं भी उनमें से एक हूँ। आइए, आपको विस्तार से जानकारी दूं।

घर से रोज़गार मिलना

घर से ही लेखन करना आजकल काफी सहज व चलन में है। अपने लैपटॉप या फिर कंप्यूटर के माध्यम से लिखना आजकल काफी सरल और कारगर साबित हो गया है। ख़ासकर, इस माध्यम से हम महिलाएं घर के कार्यों के साथ-साथ अपने करियर को भी अंजाम दे पाती हैं। साथ ही, जहां तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा से बहुत-से लोग बेरोज़गार रह जाते हैं, वहां फ़्रीलांस लेखन उन्हें बहुत हद तक रोज़गार देने में सक्षम है।

फ़्रीलांस लेखन सेघर के कुछ ख़र्चे हम आसानी से निकाल सकते हैं।वहीं, यदि हम फ़्रीलांस लेखन को पार्ट टाइम की जगह, फ़ुल टाइम बनाते हैं तो इससे हमें रोज़गार के अच्छे अवसर मिलते हैं।

नए अनुभव मिलना

फ़्रीलांस लेखन से हमें नित नए अनुभवों की भी प्राप्ति होती है, क्योंकि आए दिन हमें विभिन्न विषयों पर लिखने का कार्य मिलता है। इन कार्यों को हम दिए गए समय पर या ख़ुद के समयानुसार पूरा करके भेजते हैं। ये हमारे सोचने की क्षमता व लेखन-कुशलता में वृद्धि करता है। साथ ही, हम नए लोगों के संपर्क में भी वर्चुअली जुड़ते हैं, जो ना सिर्फ भारत के बल्कि विश्वभर के रोज़गार प्रदाता होते हैं।

पहचान की प्राप्ति होना

यह क्षेत्र हमें काम के साथ-साथ नाम भी देता है। क्योंकि बहुत-से वेबसाइट्स हमारे लेखन कार्य को वाइरल भी करते हैं। यानि कि अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करते हैं। इससे हमारे काम व लेखन-शैली निखर कर दुनिया के सामने आते हैं। साथ ही, इससे हमारा हौसला बढ़ता है और लेखन में निपुणता भी आती है।         

आत्म-संतुष्टि मिलना

कुछ वर्षों से फ़्रीलांस लेखिका के तौर पर मुझे काफी आत्म-संतुष्टि की भी प्राप्ति हुई है। एक फ़्रीलांस लेखिका के रूप में मैं अब पहले की अपेक्षा ज़्यादा सहज व सकारात्मक जीवन बिता रही हूँ। साथ ही, काफी प्रसिद्धि व रोज़गार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। वहीं, मुझे नई पहचान भी मिली है।  

सही प्लेटफ़ॉर्म मिलना

यदि हमें उचित ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म मिल जाए तो हम फ़्रीलांस लेखक या लेखिका बन कर अपने सही रोज़गार के लक्ष्य को भी पा सकते हैं। वहीं, इससे हमारी पहुँच प्रायः प्रत्येक क्षेत्र में हो जाती है। चाहे वह तकनीक, कला, साहित्य, राजनीति, मनोरंजन, या फिर गैजेट्स की दुनिया ही क्यों ना हो। आज इससे कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। भारत में आज ट्विप्पिन जैसे नए प्लेटफ़ॉर्म तरह-तरह के क्षेत्रों से आये नौसिखिये व अनुभवी फ़्रीलांस लेखक-लेखिकाओं को मौका देने के लिए प्रतिबद्ध हैं 

कुल मिलाकर, इस कार्य ने मुझे बहुत हद तक सफल इंसानों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है।  मैं अनुभव के साथ कह सकती हूँ कि इस क्षेत्र में व्याप्त असीमित अवसर और संभावनाएं हमारे जीवन को नए आयाम तक लेकर जाते हैं। अतः, यदि आप भी लेखन में अभिरुचि रखते हैं, तो इस क्षेत्र में ज़रूर आएं और अपने करियर को एक नई दिशा दें। और अपनी इस नयी यात्रा में ट्विप्पिन को अपना साथी बनाकर अवश्य देखेंयहाँ आपको फ़्रीलांस लेखन के कुछ नए, अभूतपूर्व मौके प्राप्त हो सकते हैं